Friday, 28 June 2013

तूम जो आई...।।।

गम के बादल छटने लगे।
खूशियाँ फूल बनके बरसने लगी।
प्यार के रंग हवाओं में घूलने लगे।
तूम जो हमसे यूँ मिलने लगे।।

जिन्दगी इस तरह ना थी कभी।
पास जो हम ना थी कभी।
अब जो तूम हो यहाँ,
मैं भी जो अब हूँ यहाँ,
आ मिलके जिले ये सारे पल,
जो हमारे ना थे कभी।।

तू आँखें खोले तो कलियाँ खिलने लगे।
ज़ूलफें लहरादे तो हवा बहने लगे।
तू जो छूदे,
दिल मेरा धडकने लगे।
और जो कूछ कहदे,
तो ज़िन्दगी मेरी थमने लगे।

यूं जो मेरी ज़िन्दगी में तूम आई हो।
बह़ारे अपने संग तूम लाई हो।
इसी तरह बस मेरे संग रहना।

कभी मूझे फिर से तनहा ना करना।।

No comments:

Post a Comment